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शिवलिंग पर इन 5 चीजों को भूलकर भी ना करें अर्पित, ऐसा करने से भगवान शिव के क्रोध...

Jun 05 2019

Posted By:  AMIT

जैसा की हम सभी लोग जानते है कि जब हम कोई पूजा-पाठ या शुभ कार्य करते है तो उस दौरान हम भगवान को बहुत सी चीजे अर्पित-चढ़ाते करते हैं | इनमें बहुत सी चीजों का प्रयोग किया जाता है, जिससे भगवान हम से प्रसन्न हो सकें | हमारे हिन्दू धर्म में मान्यता के अनुसार देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार की सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है और इन सामग्रियों का पूजा में एक विशेष महत्व होता हैं | अगर हम इन सामग्रियों के साथ भगवान की पूजा-अर्चना करते है तो हमको विशेष फल की प्राप्ति होती है और भगवान हमारी सारी परेशानियों और दिक्कतों को खत्म कर जड़ से मिटा या खत्म कर देते हैं | 

शास्त्रों के मुताबिक देवताओं में भगवान शिव को सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाला देवता माना जाता है, आप इनकी पूजा आराधना करके इनसे अपनी सारी मनोकामनाएं और मन्नते पूरी करने की प्राथना कर सकते हैं | मान्यता के अनुसार भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से जल्दी ही प्रसन्न हो जाते है, लेकिन यह जितनी जल्दी प्रसन्न होते है उतना ही जल्दी क्रोधित और गुस्सा भी हो जाते हैं | जब भी भोलेनाथ को गुस्सा आता है तो इनके क्रोध को शांत करना किसी भी देवता के बस की बात नहीं है, इनके इस रोद्र रूप से सबको भय लगता हैं | इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको भगवान शिव की आराधना के दौरान इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों-वस्तुओं की जानकारी देने वाले है शिव पुराण के अनुसार वे इन चीजों को शिव पर अर्पित करने से बचे | 


सिंदूर और कुमकुम 
जैसा हम सब लोग जानते है कि सिंदूर का उपयोग विवाहित महिलाएं करती है, यह विवाहित महिलाओं का गहना माना जाता हैं | क्योंकि हिन्दू धर्म की महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना हेतु अपनी मांग में सिंदूर लगाती है लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि शिवलिंग पर कुमकुम को कभी भी अर्पित-चढ़ाये मत कीजिए इससे भगवान शिव क्रोधित हो जाते हैं | 


हल्दी 
शास्त्रों के अनुसार हल्दी का उपयोग भगवान शिव को छोड़कर सभी देवी-देवताओं की पूजा में इसका इस्तेमाल किया जाता है इसके अलावा हल्दी का उपयोग औसधि के रूप में भी किया जाता हैं | आप शिवजी की पूजा के दौरान शिवलिंग पर हल्दी अर्पित मत कीजिए, क्योंकि हल्दी का प्रयोग महिलाएं अपनी सुंदरता को बढ़ाने के लिए करती हैं |


शंख से जल अर्पित करना 
आपको इस बात का विशेष तौर पर ख्याल रखना होगा कि भगवान शिवजी की पूजा में शंख का उपयोग नहीं किया जाता है और न ही इसका उपयोग करना हैं | इसके पीछे एक पुरानी मान्यता है कि दैत्य शंखचूड़ के अत्याचारों से देवता काफी परेशान थे तब भगवान शिवजी ने अपने त्रिशूल से उसका वध किया था, जिसके पश्चात उसका शरीर भष्म हो गया था | शंखचूड़ के भष्म से ही शंख की उतप्ति हुई थी, इस वजह से भगवान शिव की पूजा में शंख का उपयोग नहीं किया जाता हैं | इससे जल भी अर्पित ना करें | 


नारियल का पानी 
आप शिवलिंग पर जो नारियल का पानी अर्पित करते है उसका भी शिवलिंग पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि नारियल को लक्ष्मजी का रूप माना जाता हैं | इसलिए भगवान शिवजी को छोड़कर सभी देवताओं को नारियल का पानी चढ़ाया जाता हैं |
 

तुलसी के पत्ते 
शास्त्रों के मुताबिक तुलसी के पत्तो का उपयोग पूजा-पाठ में होता है, तुलसी की पत्तियां कई शुभ कार्यो में इस्तेमाल की जाती हैं | लेकिन भगवान शिवजी की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल वर्जित माना गया है, बताया जाता है कि शिवजी ने जालंधर नामक राक्षस का वध किया था और वहीं जालंधर की पत्नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी | इस वजह से भगवान शिव की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल नहीं किया जाता हैं | 
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